Wednesday, April 22, 2009
अधिकार
संविधान हर नागरिक को समानता का अधिकार देता है .आज़ादी के पचास वर्षों के बाद भी यदि हम बच्चों की मृत्यु के आंकडे देखें या शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर नजर डालें तो प्रतीत होगा की महिलाओं के संबध में काफी भेदभाव पाया गया है .करीब -करीब पूरेविश्वास के साथ ये कहा जा सकता है हमारे राजनीतिक ढांचे में भी इस सम्बन्ध में भेदभाव देखने में आता है .हमारी तेरहवी लोकसभा में ५४३ में से केवल ४३ महिला संसद सदस्य थी .ये कोई आश्चर्यजनक आंकडा नही है क्योंकि किसी भी समय संसद में महिलाओं की संख्या दस प्रतिशत सेज्यादा नही रही है.बड़े राजनीतिक दलों के चुनावी मुद्दों में महिलाओं की साझेदारी पर काफी बल दिया जाता है पर अफ़सोस ;ये सब केवल दिखावा है .क्रमशः
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